शनिवार, 19 सितंबर 2026

नवग्रह एवं वस्तु

ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्मांड के प्रत्येक तत्व, पदार्थ और ऊर्जा को नवग्रहों के अधीन माना गया है। भोजन, धातु और हमारे आसपास की रोजमर्रा की वस्तुओं के माध्यम से विशिष्ट ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित, सक्रिय या शांत किया जा सकता है।

यहाँ नवग्रहों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की विस्तृत सूची दी गई है:

आचार्य सोहन वेदपाठी, लुधियाना सम्पर्क WA - 9463405098

नवग्रहों के कारक तत्व (वस्तु एवं खाद्य पदार्थ)

ग्रहअनाज एवं मुख्य आहारफल, सब्जियां व मसालेरोजमर्रा की वस्तुएंधातु एवं अन्य पदार्थ
सूर्यगेहूं, दलियातीखे मिर्च-मसाले, केसर, तेजपत्तालकड़ी का फर्नीचर, दवाइयां, सरकारी या कानूनी दस्तावेज, रौशनी के स्रोततांबा, माणिक्य, लाल रेशमी वस्त्र, रक्त चंदन
चंद्रचावल, दूध, पनीर, मखाना, बर्फरसीले फल, पानी वाले फल (तरबूज आदि), नमककांच के बर्तन, पानी की बोतल, दर्पण, शंख, सीपचांदी, मोती, सफेद सूती वस्त्र, कपूर
मंगललाल मसूर, गुड़लाल मिर्च, चुकंदरधारदार औजार (चाकू, कैंची), रसोई की आग, माचिस, खेल-कूद का सामानतांबा, मूंगा, ईंट, लाल पत्थर
बुधहरी मूंगहरी सब्जियां, धनिया, सौंफ, आंवलास्टेशनरी (पेन, डायरी, किताबें), अखबार, संचार उपकरण, केबल्सकांसा, पन्ना, हरे वस्त्र, फिटकरी
गुरुचने की दाल, बेसन, घीहल्दी, केला, पपीता, पीली मिठाइयांधार्मिक एवं शोध पुस्तकें, तिजोरी, पूजा-पाठ की सामग्री, चंदनसोना, पुखराज, पीले वस्त्र
शुक्रसफेद रसगुल्ला, मिश्री, साबूदानादही, सुगंधित मसाले (इलायची), चीनीसौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics), परफ्यूम, रेशमी और डिजाइनर कपड़े, वाहन, सजावटी सामानहीरा, ओपल, स्फटिक, प्लेटिनम
शनिसाबुत उड़द, काले तिलसरसों, लौंग, काली मिर्च, अचार, सिरकालोहे की मशीनरी, चमड़े के जूते, बेल्ट, बैग, पुरानी वस्तुएं, झाड़ू, कूड़ेदानलोहा, नीलम, कोयला, पेट्रोलियम पदार्थ
राहुजौ, बाजरा, जंक फूडप्याज, लहसुनइलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बंद पड़ी घड़ियां, सिंथेटिक कपड़े, केमिकल्स, दवाइयों के खाली रैपरसीसा (Lead), गोमेद, प्लास्टिक
केतुकुल्थी की दाल, बहुधान्य (मिश्रित अनाज)इमली, अत्यधिक खट्टे-तीखे पदार्थकंबल, रस्सियां, झंडे, सुई, सीढ़ियां (Stairs), पालतू जानवर (विशेषकर कुत्ते) का सामानलहसुनिया (Cat's Eye), मिश्रित धातु

विश्लेषणात्मक दृष्टि: किसी ग्रह की दशा या अंतर्दशा के दौरान उस ग्रह से संबंधित वस्तुओं का सेवन या उपयोग स्वतः ही बढ़ जाता है। इसी प्रकार, यदि किसी ग्रह को बलवान करना हो, तो उस ग्रह की वस्तुओं का सेवन और उपयोग बढ़ाया जाता है, जबकि ग्रह के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए उनसे संबंधित वस्तुओं का दान किया जाता है या उनसे दूरी बनाई जाती है।

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