ज्योतिष शास्त्र में ब्रह्मांड के प्रत्येक तत्व, पदार्थ और ऊर्जा को नवग्रहों के अधीन माना गया है। भोजन, धातु और हमारे आसपास की रोजमर्रा की वस्तुओं के माध्यम से विशिष्ट ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित, सक्रिय या शांत किया जा सकता है।
यहाँ नवग्रहों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की विस्तृत सूची दी गई है:
आचार्य सोहन वेदपाठी, लुधियाना सम्पर्क WA - 9463405098
नवग्रहों के कारक तत्व (वस्तु एवं खाद्य पदार्थ)
| ग्रह | अनाज एवं मुख्य आहार | फल, सब्जियां व मसाले | रोजमर्रा की वस्तुएं | धातु एवं अन्य पदार्थ |
|---|---|---|---|---|
| सूर्य | गेहूं, दलिया | तीखे मिर्च-मसाले, केसर, तेजपत्ता | लकड़ी का फर्नीचर, दवाइयां, सरकारी या कानूनी दस्तावेज, रौशनी के स्रोत | तांबा, माणिक्य, लाल रेशमी वस्त्र, रक्त चंदन |
| चंद्र | चावल, दूध, पनीर, मखाना, बर्फ | रसीले फल, पानी वाले फल (तरबूज आदि), नमक | कांच के बर्तन, पानी की बोतल, दर्पण, शंख, सीप | चांदी, मोती, सफेद सूती वस्त्र, कपूर |
| मंगल | लाल मसूर, गुड़ | लाल मिर्च, चुकंदर | धारदार औजार (चाकू, कैंची), रसोई की आग, माचिस, खेल-कूद का सामान | तांबा, मूंगा, ईंट, लाल पत्थर |
| बुध | हरी मूंग | हरी सब्जियां, धनिया, सौंफ, आंवला | स्टेशनरी (पेन, डायरी, किताबें), अखबार, संचार उपकरण, केबल्स | कांसा, पन्ना, हरे वस्त्र, फिटकरी |
| गुरु | चने की दाल, बेसन, घी | हल्दी, केला, पपीता, पीली मिठाइयां | धार्मिक एवं शोध पुस्तकें, तिजोरी, पूजा-पाठ की सामग्री, चंदन | सोना, पुखराज, पीले वस्त्र |
| शुक्र | सफेद रसगुल्ला, मिश्री, साबूदाना | दही, सुगंधित मसाले (इलायची), चीनी | सौंदर्य प्रसाधन (Cosmetics), परफ्यूम, रेशमी और डिजाइनर कपड़े, वाहन, सजावटी सामान | हीरा, ओपल, स्फटिक, प्लेटिनम |
| शनि | साबुत उड़द, काले तिल | सरसों, लौंग, काली मिर्च, अचार, सिरका | लोहे की मशीनरी, चमड़े के जूते, बेल्ट, बैग, पुरानी वस्तुएं, झाड़ू, कूड़ेदान | लोहा, नीलम, कोयला, पेट्रोलियम पदार्थ |
| राहु | जौ, बाजरा, जंक फूड | प्याज, लहसुन | इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बंद पड़ी घड़ियां, सिंथेटिक कपड़े, केमिकल्स, दवाइयों के खाली रैपर | सीसा (Lead), गोमेद, प्लास्टिक |
| केतु | कुल्थी की दाल, बहुधान्य (मिश्रित अनाज) | इमली, अत्यधिक खट्टे-तीखे पदार्थ | कंबल, रस्सियां, झंडे, सुई, सीढ़ियां (Stairs), पालतू जानवर (विशेषकर कुत्ते) का सामान | लहसुनिया (Cat's Eye), मिश्रित धातु |
विश्लेषणात्मक दृष्टि: किसी ग्रह की दशा या अंतर्दशा के दौरान उस ग्रह से संबंधित वस्तुओं का सेवन या उपयोग स्वतः ही बढ़ जाता है। इसी प्रकार, यदि किसी ग्रह को बलवान करना हो, तो उस ग्रह की वस्तुओं का सेवन और उपयोग बढ़ाया जाता है, जबकि ग्रह के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए उनसे संबंधित वस्तुओं का दान किया जाता है या उनसे दूरी बनाई जाती है।
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